सहारनपुर की भीषण गर्मी में राहगीरों को राहत देने के लिए मेरे दूसरे (अतिरिक्त) कार्यालय के स्टाफ ने आज बर्फ मिला हुआ मीठा शरबत पिलाने का इंतजाम किया। इस पुण्य कार्य में सहभागी बनने का सौभाग्य मुझे भी मिला।
हम बच्चों की आवाज़
-
मेरा नाम पद्मजा है, मेरी उम्र तेरह साल है, और मैं गर्व के साथ कहती हूँ कि
मैं भारत की नागरिक हूँ।। मैं एक ऐसे देश में पलीबढ़ी हू जो अपनी संस्कृति,
विविधता ...
2 दिन पहले






कोई टिप्पणी नहीं:
एक टिप्पणी भेजें
आपकी टिप्पणी हमारे लिए लेखकीय ऊर्जा का स्रोत है। कृपया सार्थक संवाद कायम रखें... सादर!(सिद्धार्थ)