प्रयागराज में कार्यभार ग्रहण करने के बाद वापस सहारनपुर आया था अपना बोरिया-बिस्तर बांधकर ले जाने के लिए। गृहस्थी का सामान ट्रक पर लदवाकर अपने नए आशियाने तक भेजने का काम विशेषज्ञ पैकर्स एंड मूवर्स एजेंसी के सहयोग से हुआ। यहां मेरे सहायक रहे सभी कर्मचारियों ने साथ लगकर मुझे किसी भी श्रम से दूर रखा।
कुलपति सभागार में एकत्रित होकर
माननीया कुलपति जी, कुल सचिव व परीक्षा-नियंत्रक ने विश्वविद्यालय परिवार के साथ मेरी
औपचारिक विदाई की। सबने अच्छी-अच्छी बातें की। भावुक क्षण के बीच मैंने भी
कृतज्ञता ज्ञापित किया। मां शाकुंभरी की शानदार तस्वीर भेंट में मिली। परीक्षा
नियंत्रक ने बैडमिंटन खेलने और बुला-बुलाकर खिलाने की मेरी जिद को याद किया जिसे
अब मैं भी मिस करूंगा। मेरे अज़ीज़ स्पोर्ट्स ऑफिसर प्रोफेसर संदीप गुप्ता ने अलग से
एक खूबसूरत कोलाज भेंट किया जो चकराता की बर्फ से ढकी पहाड़ियों पर हमारी अनेक
यात्राओं और मौज-मस्ती की याद दिलाता रहेगा। सबकी आत्मीयता मुझे अभिभूत कर गई।
आज नौचंदी एक्सप्रेस से प्रयागराज जाने
से पहले सुबह-सुबह एक योग कार्यक्रम में जाने का अवसर भी मिला। सहारनपुर के
उद्यमियों की संस्था चैंबर ऑफ इंडस्ट्रीज एंड सर्विसेज द्वारा कंपनीबाग में आयोजित
इस भव्य कार्यक्रम में पद्मश्री योगाचार्य भारतभूषण जी ने योग साधना का अभ्यास
कराया और इसके महत्व पर प्रकाश डाला। हमारी कुलपति जी भी इस अवसर पर प्रमुखता से
उपस्थित रहीं। योगाचार्य जी अपने उद्बोधन में यह बताना नहीं भूले कि मां शाकुंभरी
विश्वविद्यालय के कुलगीत के रचयिता त्रिपाठी जी इस अवसर पर उपस्थित हैं। उन्होंने
मुझे खड़ा होकर सबकी तालियों से अभिवादन स्वीकार करने का निर्देश दिया। हाथ जोड़कर
खड़ा हुआ मैं पुनः अभिभूत हो गया।
सीआईएस के अध्यक्ष मृगलानी जी ने अपनी
टीम के साथ मुझे जो सम्मान दिया उसके लिए मैं कृतज्ञ हूँ। इसी समय नगर विधायक
राजीव गुंबर जी से भी अच्छी भेंट हुई। सबने मेरी नई पारी के लिए शुभकामनाएं व्यक्त
की।
मोदी जी की प्रेरणा से नए स्टार्टअप्स
को इनक्यूबेट करने के लिए विश्वविद्यालय में एमएसयू एकेडमिक फाउंडेशन की स्थापना
मेरे कार्यकाल में हुई थी। इसके होनहार सीईओ अभिनव पुण्डीर ने यह ख्याल रखा कि
कुर्सी छोड़ने के बाद भी यहां के प्रवास में मुझे कोई असुविधा न हो। अभिनव बहुत
कुशल प्रबंधक साबित हो रहे हैं। फाउंडेशन के उद्देश्यों को नई ऊंचाई तक ले जाने
में उनकी सफलता के लिए हार्दिक शुभकामनाएं।
सहारनपुर का कार्यकाल मुझे बहुत कुछ
नया सीखने और करने का अवसर दे गया। इसकी अमिट छाप मुझे आगे भी खुशियां देती रहेगी।
शुभविदा सहारनपुर। 🙏🏻💐
सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी
वित्त अधिकारी




















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