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सोमवार, 23 दिसंबर 2024

मेरे विवाह का मंगलाचरण 25 वर्ष बाद उन्हीं पंडित जी के स्वर में

पंडित सरस्वती पाण्डेय जी ने ही 1999 में मेरा विवाह संस्कार संपन्न कराया था। मैं आज अपने गांव में आया था तो 'ढेलर पंडी जी' अचानक अपने पुत्र के साथ आ गए। चर्चा के दौरान उन्होंने याद दिलाया कि मेरी बारात तीन दिन वाली थी। दूसरे दिन 'मरजाद' रहा। तीसरे दिन बारात विदा हुई थी। मरजाद के दिन जानवासे में "शिष्टाचार सभा" हुई थी। उस सभा में पंडी जी ने संस्कृत मंगलाचरण के बाद जो हिंदी में मंगल कामना सुनाई थी वह उन्हें 91 वर्ष की उम्र में आज भी याद थी। अनुरोध पर उन्होंने सहर्ष सुनाया।