हमारी कोशिश है एक ऐसी दुनिया में रचने बसने की जहाँ सत्य सबका साझा हो; और सभी इसकी अभिव्यक्ति में मित्रवत होकर सकारात्मक संसार की रचना करें।

सोमवार, 27 अक्टूबर 2025

छठ पर्व की ढेरों बधाई और हार्दिक शुभकामनाएं

 नवदुर्गा की अवधारणा में स्त्री के जन्म से लेकर प्रौढ़ावस्था तक के नौ रूप माँ दुर्गा के बताए गए हैं।

1. शैलपुत्री 2. ब्रह्मचारिणी 3. चंद्रघंटा 4. कूष्मांडा 5. स्कंदमाता 6. कात्यायनी 7. कालरात्रि 8. महागौरी 9. सिद्धिदात्री।

इसमें छठा रूप कात्यायनी के रूप में हम सबका इस भौतिक संसार में पालन पोषण करने वाली माँ का है। गृहस्थ जीवन के सुख-समृद्धि का ध्यान रखने वाली माँ कात्यायनी ही छठ मइया हैं।

छठ व्रत रखने वाली सभी स्त्रियों व उनके परिजनों का छठ मइया कल्याण करें और सुख समृद्धि से परिपूर्ण करें यही प्रार्थना है। हार्दिक शुभकामनाएं। 🙏🏻



शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025

छठ पर्व के रेलयात्री

पंजाब से बिहार जा रही यह रेलगाड़ी अमृतसर-पूर्णिया एक्सप्रेस जब सहारनपुर में रुकी तो यहां के लाल कुर्ती वाले कुलियों की बन आई। आपातकालीन खिड़की के रास्ते बिहार जाने वाले यात्रियों को उठा-उठाकर डिब्बे में ठूस रहे थे। यात्रियों का विश्वास भी देखने लायक था। अपना बैग कुली को सौंपकर वे प्लेटफॉर्म से सरक चुकी ट्रेन की खिड़की के भीतर समा जाने को तत्पर थे। उनके भीतर जमा हो जाने के बाद खिड़की से उनका बैग भी अंदर चला ही गया होगा। कोई कुली धोखा नहीं देता होगा क्या? मेरी आशंका को निर्मूल बताते हुए एक कुली ने पूछने पर कन्फर्म किया कि 20 साल से यह काम कर रहे हैं लेकिन एक भी बैग पीछे नहीं छूटा।












रविवार, 10 अगस्त 2025

प्रकृति-कुंज में राखी

रक्षाबंधन के सुअवसर पर जो छुट्टी मिली उसमें हम एक बार फिर से सहारनपुर के प्रकृति कुंज पहुँच गए। इस बार मेरी धर्मपत्नी भी साथ थीं। इस अनोखी वाटिका के बारे में पहले भी बता चुका हूँ। लेकिन आज  चमत्कारी ‘राखी पुष्प' के बारे में अद्भुत जानकारी मिली।

आकाश जी ने इस विशेष फूल के बारे में गज़ब की बात बताई। देखें वीडियो। द्रौपदी चीर हरण का पूरा दृश्य इस फूल के भीतर समाया हुआ है। सौ कौरव, पाँच पांडव, द्रौपदी, त्रिदेव, और धृतराष्ट्र, भीष्म, द्रोणाचार्य, कृपाचार्य, कर्ण, विदुर, शकुनी और अन्य दरबारियों की उपस्थिति इस फूल के विभिन्न भागों (वाह्यदल, पंखुड़ी, पुंकेसर, स्त्रीकेसर) के रूप में विद्यमान हैं। वीडियो में जब बताया गया कि इसमें बैंगनी रंग की ठीक सौ पंखुड़ियां कौरवों की प्रतीक हैं तो हमने इस फूल का विच्छेदन करके इनकी संख्या सत्यापित करने का निर्णय लिया।

घर आकर सावधानी से इन पंखुड़ियों को अलग करके गिनती की गई तो ठीक सौ की संख्या ही मिली। तब मैंने हरे रंग के दस वाह्यदलों को धृतराष्ट्र व अन्य दरबारियों के रूप में मान लेना उचित समझा। है ना एक प्राकृतिक चमत्कार!

महाभारत का युद्ध जिस घटना के कारण लड़ा गया उसमें द्रौपदी व कृष्ण के बीच भाई - बहन के रिश्ते की याद दिलाते इस पुष्प को राखी पुष्प के नाम से ठीक ही जाना जाता है।