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शुक्रवार, 17 अक्टूबर 2025

छठ पर्व के रेलयात्री

पंजाब से बिहार जा रही यह रेलगाड़ी अमृतसर-पूर्णिया एक्सप्रेस जब सहारनपुर में रुकी तो यहां के लाल कुर्ती वाले कुलियों की बन आई। आपातकालीन खिड़की के रास्ते बिहार जाने वाले यात्रियों को उठा-उठाकर डिब्बे में ठूस रहे थे। यात्रियों का विश्वास भी देखने लायक था। अपना बैग कुली को सौंपकर वे प्लेटफॉर्म से सरक चुकी ट्रेन की खिड़की के भीतर समा जाने को तत्पर थे। उनके भीतर जमा हो जाने के बाद खिड़की से उनका बैग भी अंदर चला ही गया होगा। कोई कुली धोखा नहीं देता होगा क्या? मेरी आशंका को निर्मूल बताते हुए एक कुली ने पूछने पर कन्फर्म किया कि 20 साल से यह काम कर रहे हैं लेकिन एक भी बैग पीछे नहीं छूटा।












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