हैप्पी न्यू ईयर का आदान - प्रदान तो हो लिया। लेकिन मन के भीतर तो यही भाव उमड़ घुमड़ रहा था जो एक साल पहले इस गीत के रूप में उभर कर आया था। दुबारा पढ़ा जाय। बन पड़े तो गुनगुनाया जाय। बात सही लगे तो कमेंट में बताया जाय। 🙏🏻😃
मोबाइल नहीं, डिजिटल कल्पवास चाहिए
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मोबाइल को जीवन में रस और जीवन के बड़े अर्थ से जोड़ने का उपक्रम सुबह साइकिल
लेकर निकलता हूँ। घरपरिसर में ही गोल गोल चक्कर। साइकिल बहुत तेज नहीं
चलाता—इतनी ही...
6 दिन पहले



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