पूर्वांचल का छठ महापर्व अब अखिल भारतीय स्वरूप ले चुका है। सात समुंदर पार भी डूबते और उगते सूर्य को अर्घ्य देने का अनुष्ठान देखा जा सकता है। सुदूर पश्चिम सहारनपुर में भी यहां गठित पूर्वांचल सांस्कृतिक सभा ने एक भव्य आयोजन किया। मुझे भी सौभाग्य मिला इस प्रकृति के सामीप्य को रेखांकित करने वाली शक्ति की पूजा में सम्मिलित होने का। जय जय छठ मैया! आप सबका कल्याण करें।
ढाई हजार घरों की चाय
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[ छियालीस साल हो गये हमारी शादी को। याद नहीं आता कि किसी ने सालगिरह के अवसर
पर उपहार दिया हो। इस बार उन लोगों ने दिया जो शादी के समय तो हो नहीं सकते थे
— ह...
1 दिन पहले







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