आज लोहिया पार्क लखनऊ के हरे -भरे वातावरण में प्रातः काल के धुंधलके में पहुंच गया था। आसन बिछाकर ऑनलाइन योगकक्षा से जुड़ गया। कक्षा तो सात चक्रों के संतुलन संबंधी आसनों और उनके जागरण की मुद्राओं की थी। किंतु यहां की मनोरम छटा में कुछ नियमित आसन लगने का लोभ संवरण न कर सका। कुछ झलकियां आपके लिए।
सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी | Ramcharitmanas Balkand (192-195) | श्रीराम
जन्मोत्सव 🕉️
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🕉️ श्रीराम जन्मोत्सव 🕉️ सुनि सिसु रुदन परम प्रिय बानी |श्रीरामचरितमानस:
बालकाण्ड (दोहा 192 से 195)इस संगीतमय प्रस्तुति को यूट्यूब पर यहाँ सुनें
: सुनि स...
2 दिन पहले














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