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Thursday, February 26, 2015

अहा ! फरवरी कितनी प्यारी। (गीत)

अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।
कड़ी ठण्ड से पीछा छूटा
सर्दी से गठ बंधन टूटा
अब अलाव है नहीं जरूरी
दूर हुई सबकी मज़बूरी
बच्चे अब भरते किलकारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।1।
बिस्तर से हट गयी रजाई
हीटर की हो गयी विदाई
कम्बल भी बक्से में सोया
सबने ऊनी स्वेटर धोया
अब सूती कपड़ों की बारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।2।
एक सूट खबरों में आया
लाखों जिसका दाम बताया
मचा मीडिया में कोहराम
फिर वो सूट हुआ नीलाम
दाम करोड़ों दें व्यापारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।3।
अच्छे दिन वाली सरकार
भरने लगी विजय हुंकार
आम आदमी ने रथ रोका
दिल्ली की जनता ने टोका
दम्भ पड़ गया इसको भारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।4।
बढ़ा शादियों का भी जोर
विकट बराती हैं चहुँ ओर
फागुन की मस्ती में झूमें
चाहें नर्तकियों को चूमें
लठ्ठम लठ्ठा गोली बारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।5।
बोर्ड परीक्षा शुरू हुई है
शुचिता जिसकी छुई मुई है
अजब नकलची गजब निरीक्षक
सॉल्वर बन बैठे हैं शिक्षक
दस्ता सचल करे बटमारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।6।
राजनीति में फँसा बिहार
लालू जी की टपकी लार
संख्या बल में इतनी खूबी
माझी की ही नैया डूबी
फिर नितीश को मिली सवारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।7।
संसद में घिरती सरकार
भूमि अधिग्रहण को तैयार
अन्ना जी फिर मंचासीन
धरना में फिर सीएम लीन
छुट्टी पर बेटा-महतारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।8।
क्रिकेट कुम्भ आरम्भ हुआ है
सौ करोड़ की यही दुआ है
टीम इंडिया रख ले लाज
बिश्व विजेता हो अंदाज
दिखती है अच्छी तैयारी
अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।9।
(सिद्धार्थ शंकर त्रिपाठी) www.satyarthmitra.com

9 comments:

  1. वाह।वाह। खूब लिखा।

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  2. बहुत खूब !! मंगलकामनाएं आपको !!

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  3. ''अहा..फरवरी कितनी प्‍यारी'' बहुत ही अच्‍छी रचना प्रस्‍तुत की है आपने। धन्‍यवाद।

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  4. बहुत ही शानदार
    http://puraneebastee.blogspot.in/
    @PuraneeBastee

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  5. भरने लगी विजय हुंकार
    आम आदमी ने रथ रोका
    दिल्ली की जनता ने टोका
    दम्भ पड़ गया इसको भारी
    अहा ! फरवरी कितनी प्यारी।

    वास्तव में हमारा लोकतंत्र मजबूत है बस हमें स्वार्थ पर आधारित विरोध व समर्थन से बचना व सरकार चाहे किसी पार्टी की हो उसे जनहित-जनसरोकार के लिए कार्य करने के लिए एकजुट होकर बाध्य करने का काम करना होगा।

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